Showing posts with label hospital service. Show all posts
Showing posts with label hospital service. Show all posts

Sunday, 16 September 2012

हल्दी बचा सकती है दिल के दौरे से

खाने को ज़ायकेदार रंग देने और खूबसूरती को निखारने के लिए इस्तेमाल होने वाली हल्दी अब आपके दिल की भी हिफाजत कर सकती है |

एक अध्ययन से संकेत मिले हैं कि बायपास सर्जरी कराने वाले हृदय रोगियों के लिए हल्दी बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है और दिल के दौरे से बचा सकती है |

बायपास सर्जरी के दौरान रक्त प्रवाह की कमी के चलते हृदय की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है, जिससे मरीज को दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है.

हल्दी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इन खतरों का मुकाबला करने में मददगार साबित होते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीका के ह्यूस्टन में स्थित एंडरसन कैंसर रिसर्च सेंटर के भरत अग्रवाल ने इसे बहुत ही उत्साहजनक शोध बताया है.

'दौरे का खतरा 65 फीसदी कम'
यह शोध थाईलैंड के चियांग माई विश्वविद्यालय में हुआ जिसमें 2009 से 2011 के बीच बाइपास सर्जरी कराने वाले 121 लोगों ने हिस्सा लिया.

इनमें से आधे लोगों को दिन में चार बार एक ग्राम हल्दी के तत्व से बने कैप्सूल दिए गए जबकि बाकी लोगों को दूसरे कैप्सूल दिए गए. ये कैप्सूल सर्जरी होने से तीन दिन पहले और सर्जरी होने के पांच दिन बाद तक दिए गए. 'अमेरिकन जनरल ऑफ कार्डियोलॉजी' में छपे इस शोध के नतीजों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद अस्पताल में रहने के दौरान हल्दी का कैप्सूल लेने वालों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका 13 प्रतिशत थी जबकि दूसरे कैप्सूल लेने वालों में यह आशंका 30 प्रतिशत के आसपास पाई गई.

यह शोध करने वाले टीम के प्रमुख डॉक्टर वारवारंग वांगचेरोन का कहना है कि हल्दी से बने कैप्सूल लेने वालों में दिल के दौरे का खतरा 65 फीसदी कम पाया गया. हालांकि यह शोध हृदय रोगियों के छोटे से समूह पर किया गया और जानकारों का मानना है कि अभी और व्यापक शोध करने होंगे


Shakuntla Hospital provide Maternity Hospital, X-Ray Service Hospital, Ultra Sound Hospital, Maternity Nursing Home, Women's Health, Medical Treatment, Healthcare Hospital, Stone Removal, Urological Solution, Specialist Doctors, Preventive Health Checkups Services.


Conditioning Chamber
Humidity Chamber  
Twist Tester  
Coating Thickness Tester  
Crush Tester 

Thursday, 13 September 2012

अच्छे स्वास्थ्य का राज अंकुरित दालें (Sprouted Pulses)


अच्छा पोषण सभी की सेहत के लिऐ महत्वपूर्ण है। एक स्वास्थ्य आहार ही सभी उम्र के लोगों में काम करने की उत्पादकता को बढ़ाता है। ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जो आपकी सेहत के लिए लाभदायक हो सकते हैं। अंकुरित दालें एक ऐसा ही स्वस्थ आहार है जो आपके स्वास्थ्य से जुड़ी अनेकों बीमारियों की दवा बन सकता है।


मौसम के अनुसार सलाद जैसे गाजर, खीरा, ककड़ी, टमाटर, मूली, चुकन्दर, गोभी आदि खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। सलाद के साथ ही अगर अंकुरित दालों का आहार में शामिल किया जाए तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए एक बेहतर काम्बीनेशन बन सकता है। अंकुरित मूंग, चना, मसूर, मूंगफली आदि शरीर की शक्ति बढ़ाते है। आहार विशेषज्ञ डाक्टर अंजली मुखर्जी के अनुसार ‘अंकुरित दालें थकान, प्रदूषण व बाहर के खाने से उत्पन्न होने वाले ऐसिडस को बेअसर कर देती हैं और साथ ही ये उर्जा के स्तर को भी बढ़ा देती हैं।‘ दाल अंकुरित करने के लिए अनाज को 8 घंटे तक पानी में भिगोकर रखने से अंकुरित तैयार हो जायेगा। अंकुरित दाले आपकी सेहत के लिए अमृत के समान है जिसमें कई आवश्यक पोषक तत्व और खनिज होतें हैं, जो कई बार आपको ताजा फल या सब्जियों से भी प्राप्त नहीं होते। अंकुरित दालों के सेवन से पाचन शक्ति में सुधार होता है और ये ऐंटीआक्सीडेंट्स से भी भरपूर होते हैं। 

अंकुरित दाल खानें के प्रमुख लाभ 

  • अंकुरित दालें रक्त को शुद्ध करने में लाभकारी होता हैं जो आपकी त्वचा से लेकर आके बालों को निखारने के मदद करती हैं। अगर आप बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो आप अंकुरित दाल की एक कटोरी रोज सुबह नाश्ते में लें। ऐसा करने के आपके बालों को सही पोषण मिलेगा। 
  • अंकुरित दालें आक्सीजन का एक बहुत अच्छा स्त्रोत हैं। आक्सीजन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में उपस्थित तरह-तरह के वाइरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट इशी खोसला कहती हैं - ‘अकुरित दालें एक संतुलित पोषण देता है। अंकुरित दालों से शरीर को प्रोटीन, कार्बोहैड्रेड, विटामिन और खनिज प्राप्त होता है जो की स्वास्थ्य के लिये बहुत लाभदायक है।’ 
  • अंकुरित दालें फाइबर का एक प्राकृतिक स्त्रोत हैं। फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और आपके नाश्ते और लंच के बीच के समय में आपको भरपेट रखता है। इससे आप अस्वास्थ्यकर चीजें खाने से बचते हैं और अपने आहार को भी नियंत्रित कर सकते हैं।
  • अंकुरित दालें विटामिन ‘बी’ और ‘सी’ का एक अच्छा स्त्रोत है। अनाज को पूरी रात भिगाकर रखने  से अंकुरित दालों में उपस्थित आवश्यक पोषण तत्वों की महत्ता और बढ़ जाती है इसलिए अंकुरित दालें हर तरह से आपको लाथ देती हैं।
  • आहार में अंकुरित दालें लेने से शरीर में प्राटीन की गिनती बढ़ती है। अंकुरित दालों में पर्याप्त मात्रा में वनस्पति प्राटीन होता है जो एक स्वस्थ आहार को सपोर्ट करता है। अंकुरित दालें मांस के लिए एक स्वस्थ विकल्प है। अगर आप शाकाहारी हैं तो अंकुरित दालों को अपने प्रतिदिन के आहार का हिस्सा बनाएं। 
  • अंकुरित दालों में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। अगर आप अपने वजन को लेकर चिंतित हैं और कैलोरी घटाने का आसान तरीका ढूंढ़ रहे हैं तो अंकुरित दालें आपकी जीवन शैली को स्वस्थ रूप देंगी। 

आजकल की जीवन शैली को स्वस्थ आहार बहुत महत्व रखता है अंकुरित दालों को अपने आहार में शामिल कर आप कई बीमारियों से मुक्त हो सकते हैं तो दे न करे अभी अंकुरित दालों से बना सैंडबिच या सलाद बनाएं और स्वादिष्ट, स्वस्थ, सकारात्मक एवं मुस्कुराते हुए जीवन का आनन्द लें।



Shakuntla Hospital provide Maternity Hospital, X-Ray Service Hospital, Ultra Sound Hospital, Maternity Nursing Home, Women's Health, Medical Treatment, Healthcare Hospital, Stone Removal, Urological Solution, Specialist Doctors, Preventive Health Checkups Services.


L Type Ribbon Burner 
V Type Ribbon Burner 
Fish Tail Burner 
ST Burner 
S Burner 

Friday, 7 September 2012

नकसीर के घरेलू उपचार (Epistaxis Treatment)


चिलचिलाती धूप में अक्सर कुछ लोगों को नाक से खून बहने की शिकायत होती है। इसे नकसीर भी कहा जाता है। यह मौसम के अनुसार शरीर में अधिक गर्मी बढ़ने से भी हो सकता है और कुछ लेगों को अधिक गर्म पदार्थ का सेवन करने से भी। पेश है नकसीर से निपटने के घरेलू उपचार:

1. प्याज को काटकर नाक के पास रखें और सूंघे। 
2. काली मिटी पर पानी छिड़ककर इसकी खुशबू सूंघें।
3. रूई के फाए को सफ़ेद सिरका में भिगोकर उस नथुने में रखें, जिससे खून बह रहा हो |
4. जब तक नाक से खून बह रहा हो तो कुर्सी पर बिना टेक लिए बैठ जाएं नाक की बजाए मुंह से सांस लें।
5. सिर को आगे की ओर झुकाए न कि पीछे की ओर। 
6. ठंडे पानी में भीगे हुए रूई के फाए को नाक पर रखें। रूई के छोटे-छोटे फायों को पानी में भिगोकर फ्रीजर में रख लें। इनसे सिकाई करें। 
- किसी भी प्रकार के धूम्रपान (एक्टिव या पैसिव दोंनो) से बचे। 
- साफ हरे धनिए की पत्तियों के रस की कुछ बूंदे नाक में डाल लें। 
7. इन उपायों के अलावा सि पर ठंडे पानी की पट्टी रखने से भी राहत मिलेगी। 



Shakuntla Hospital provide Maternity Hospital, X-Ray Service Hospital, Ultra Sound Hospital, Maternity Nursing Home, Women's Health, Medical Treatment, Healthcare Hospital, Stone Removal, Urological Solution, Specialist Doctors, Preventive Health Checkups Services.

Laboratory Burners 
Infra Red Burners 
Mono block burners 
High Pressure Regulator 
Industrial Burners

Sunday, 2 September 2012

Back Pain

Most of us have suffered through at least one bout of low back pain in the course of our lifetime. The occurrence is alarmingly quite high, affecting approximately 60-80% of the adult population. In fact, physicians report that low back pain is so prevalent; it is second in medical visits to the common cold. In some societies, the financial drain of low back pain (LBP) exceeds that of coronary artery disease and diabetes combined.

The majority of LBP can be classified as mechanical; including problems affecting the many joints, discs, ligaments and muscles of the spine. Most risk factors related to muscle performance can be prevented by taking a proactive approach. By ensuring an exercise programme has an adequate warm-up, muscular balance, core strength, a flexibility component, and is regularly performed, the risk of developing a lower back injury decreases substantially. In addition to this, overall body awareness is equally important as often times injuries occur when we least expect it.



Analytical Balance
Environmental Chamber
Ozone Chamber
Hot Air Oven
Car Jeep Bike Electric Horns
Controllers and Accessories

Thursday, 30 August 2012

नमक कम कीजिए, कैंसर को 'दूर रखिए'


ये बात तो ज़्यादातर लोग जानते हैं कि भोजन में नमक की मात्रा सीमित रखने से ऊच्च रक्तचाप और दिल की बीमारी दूर रखने में मदद मिलती है.

एक शोध के मुताबिक भोजन में ब्रेड, बेकन और ब्रेकफ़ास्ट सीरियल्स जैसे नमकीन या लवणयुक्त खाद्य पदार्थों की मात्रा कम करने से पेट का कैंसर होने की संभावना भी कम हो सकती है. ये कहना है वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड यानी डब्ल्यूसीआरएफ़ का संस्था चाहती है कि लोग कम नमक खाएं और खाद्य पदार्थों के लेबलों पर उनके तत्वों की जानकारी ज़्यादा बेहतर तरीके से छापी जाए.

डब्ल्यूसीआरएफ़ का कहना है कि ब्रिटेन में पेट के कैंसर का हर सात में से एक मामला रोका जा सकता है, अगर लोग रोज़ कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखें. 
कैंसर रिसर्च यूके का कहना था कि ये संख्या ज़्यादा भी हो सकती है.

सही चुनाव ज़रूरी

भोजन में बहुत ज़्यादा नमक रक्तचाप के लिए ख़राब होता है और इससे दिल की बीमारी और स्ट्रोक हो सकता है. लेकिन ज़्यादा नमक से कैंसर भी हो सकता है. भोजन में प्रतिदिन छह ग्राम नमक सही माना जाता है यानी लगभग एक चाय का चम्मच.  लेकिन वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड के मुताबिक लोग प्रतिदिन 8.6 ग्राम नमक खाते हैं. ब्रिटेन में हर साल पेट के कैंसर के लगभग 6,000 मामले सामने आते हैं.

डब्लूयसीआरएफ़ का अनुमान है कि अगर हर व्यक्ति प्रतिदिन छह ग्राम नमक की सीमा को माने तो इनमें से कैंसर के 14 प्रतिशत यानी लगभग 800 मामले कम हो सकते हैं. संस्था की स्वास्थ्य सूचना अधिकारी केट मेंडोज़ा कहती हैं, "पेट के कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज मुश्किल है क्योंकि ज़्यादातर मामले बीमारी बढ़ने के बाद ही सामने आते हैं." वे आगे कहती हैं, "इस वजह से बीमारी की रोकथाम के लिए ये और भी ज़्यादा ज़रूरी है कि लोग अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में सही चुनाव करें जैसे भोजन में नमक की मात्रा कम करना और ज़्यादा फल और सब्ज़ियां खाना." खाने में ज़्यादा नमक का मतलब सिर्फ़ भोजन में ऊपर से नमक डालना नहीं है क्योंकि नमक की एक बड़ी मात्रा तो पहले से ही खाद्य पदार्थों के अंदर मौजूद होती है.

लेबल पर जानकारी

इसीलिए डब्लयूसीआरएफ़ चाहता है कि खाद्य पदार्थों को लेबल करने यानी उनमें मौजूद तत्वों की जानकारी के लिए "ट्रैफ़िक-लाइट" प्रणाली का इस्तेमाल किया जाए.
कैंसर रिसर्च यूके की लूसी बॉयड कहती हैं, "ये शोध हाल ही में आई कैंसर रिसर्च यूके की उस रिपोर्ट को साबित करती है जिसके मुताबिक ब्रिटेन में पेट के कैंसर से ग्रसित लोगों की संख्या बढ़ने का एक कारण भोजन में बहुत ज़्यादा नमक होना भी है. अगर खाद्य पदार्थों की जानकारी मुहैया कराने के लिए ट्रैफ़िक लाईट लेबलिंग जैसी प्रणाली का इस्तेमाल हो तो इससे लोगों को भोजन में नमक की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी."
इस प्रणाली के तहत लेबल पर लाल रंग का मतलब खाद्य पदार्थ में बहुत ज़्यादा नमक, पीले रंग का मध्यम और हरे रंग का मतलब कम नमक होता है.


Shakuntla Hospital provide Maternity HospitalX-Ray Service HospitalUltra Sound HospitalMaternity Nursing HomeWomen's HealthMedical TreatmentHealthcare HospitalStone RemovalUrological SolutionSpecialist DoctorsPreventive Health Checkups Services Stone removalX-ray service hospitalWomen's healthMedical treatment &Urological solution.

Orthopedic Services
Hospital in West Delhi
Child Health Nursing Home
Nutrition Nursing Home
Preventive Health Checkups

Tuesday, 28 August 2012

गर्म रातों में कैसे पाएं सुकून की नींद ?

इस साल ब्रिटेन के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में आंशिक तौर पर गर्म हवा का असर रहा है. इन गर्म और उमस भरी रातों में सोना काफी मुश्किल होता है. ऐसे में अच्छी नींद भला कैसे पाई जा सकती है, ये एक बड़ा सवाल है?

लेकिन ब्रिटेन में जहां आमतौर पर इतनी ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती, वहां के लोग भला कैसे अच्छी नींद पाएं, ये एक बड़ा सवाल है?अमरीका जैसी जगहों पर जहां बड़े आकार के एयर कंडीशनर आसानी से मिल जाते हैं, वहां ज्यादा तापमान भी मायने नहीं रखता.

विशेषज्ञों की सलाह

मौसम वैज्ञानिक फिलिफ एडन, भूमध्यसागर में प्रयोग में लाई जाने वाली तकनीक की सलाह देते हुए कहते हैं, ''मैं दिन के समय अपने घर के सभी पर्दों को लगाए रखता हूं ताकि सूरज की रौशनी अंदर ना आ सके. जिस तरफ से धूप आती है, वहां की खिड़कियों को बंद रखता हूं और जहां छाया होती है, उधर की खिड़कियां खुली रखता हूं. इसका मतलब ये भी होता है कि मैं दिनभर खिड़कियों को बंद करने के लिए घर के भीतर दौड़ लगाता रहता हूं.''
एडन सोने से ठीक एक घंटे पहले सभी खिड़कियों को खोल देते हैं. लेकिन हर कोई अपने घर की खिड़की भी नहीं खोल सकता है. क्योंकि अगर आप नीचे के माले में रहते हैं तो चोर बड़ी आसानी से आपके घर में हाथ साफ कर सकते हैं. अगर चोरों से बच गए तो मच्छर आपको नहीं छोड़ेंगे.
लंदन के इंपीरियल कॉलेज में स्लीप एंड रेस्पिरेटरी फिज़ियोलॉजी के प्रोफेसर मेरी मोरल के अनुसार, ''ऐसे में सबसे कारगर उपाए है बिजली का पंखा इस्तेमाल करना. ये आपके शरीर से निकलने वाले पसीने को सुखाने में आपकी मदद करेगा.''

मामला सिर्फ तापमान और उमस का नहीं

मेरी मोरल बिस्तर पर नायलोन के बजाए सूती चादर बिछाने और ग्रामीण इलाकों में मच्छरदानी इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं.
लफबोराह यूनिवर्सिटी में क्लीनिकल स्लीप रिसर्च यूनिट के प्रोफेसर केविन मोर्गन मानते हैं कि ये मामला सिर्फ तापमान और उमस का नहीं है.
इसका मतलब ये होता है कि हम बिस्तर पर एक बिल्कुल ही दूसरी शारीरिक और मानसिक स्थिति में जाते हैं. अक्सर लोग ऐसे माहौल में सामान्य से ज्यादा शराब पी लेते हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है. क्योंकि ये एकदम अलग किस्म का नियम या मानसिक स्थिति पैदा करता है.
\केविन मॉर्गन कहते हैं, ''इतनी गर्मी में जब आप बिस्तर पर जाते हैं तो आपको आसानी से नींद नहीं आती. जो चीज़ें आपको सोने नहीं देतीं, आप उन्हीं के बारे में सोचना शुरु कर देते हैं. ऐसे में आप अपनी समस्याओं के बारे में सोचना शुरु ना कर दें, ये कहीं ना कहीं आपको अनिद्रा की तरफ लेकर जाती है. ऐसे में दिन के वक्त नींद पूरी करना और रात में कोई किताब या अखबार पढ़ लेना बेहतर उपाय है.''

ड्रिंक का नींद से संबंध

ऐसे में कोई तरल पदार्थ लेना सही नहीं होगा जब तक कि आप ऐसा आमतौर पर करते आ रहे हों.
केविन मॉर्गन कहते हैं, ''अगर आपको एकाध ड्रिंक लेने की आदत है तो फिर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर आपको इसकी आदत नहीं है तो ऐसा बिल्कुल ना करें. शराब कई बार आपको नींद में ले जाने के लिए बेहतर साबित होती है, लेकिन जगाने के लिए ये बिल्कुल सही नहीं है.''
इसके अलावा ठंडे पानी से नहाना भी कोई सही उपाय नहीं है, इससे आपको थोड़ी देर के लिए तो राहत मिल सकती है लेकिन ये ज्यादा कारगर नहीं है. अगर नहाना हो तो हल्के गुनगुने पानी से नहाएं.
मॉर्गन के अनुसार, ''मुख्य बात ये है कि ऐसी स्थिति में परेशान ना हों. अगर आप स्वस्थ हैं तो दो रात बगैर सोए भी रह सकते हैं.''
क्योंकि तीसरी रात तक आप इतने थक जाएंगे कि खुद-ब-खुद आपको नींद आ जाएगी, तापमान चाहे जैसा भी हो.




Shakuntla Hospital provide Maternity HospitalX-Ray Service HospitalUltra Sound HospitalMaternity Nursing HomeWomen's HealthMedical TreatmentHealthcare HospitalStone RemovalUrological SolutionSpecialist DoctorsPreventive Health Checkups Services Stone removalX-ray service hospitalWomen's healthMedical treatment &Urological solution.

LPG Cylinder
Pipeline Industrial
LPG Gas Bank
Lot Gas Manifold

Sunday, 26 August 2012

क्या उपवास है लंबी उम्र, अच्छी सेहत का नुस्ख़ा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर नियंत्रित तरीके से कुछ समय का उपवास रखा जाए तो इससे न सिर्फ बढ़ते वजन को घटाने बल्कि तमाम स्वास्थ्य संबंधी फायदे हो सकते हैं.

कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि उपवास रखना अकसर कष्टदायक होता है और इसका लंबे समय में कोई फायदा नहीं होता है. इसलिए जब मुझसे भूखा रहकर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए कहा गया तो मैं कतई उत्साहित नही था.
लेकिन 'हॉराइजन' (बीबीसी टीवी का एक कार्यक्रम) के संपादक ने मुझे भरोसा दिलाया कि ये एक नया विज्ञान है और इससे शायद मुझे अपने शरीर में आश्चर्यजनक बदलाव देखने को मिलें.
मुझमें इतनी आत्मशक्ति नहीं थी कि मैं लंबे समय तक बिना खाए- पिए रह सकूं, लेकिन मुझमें इस बात का कारण खोजने की बेहद दिलचस्पी थी कि आखिर कम खाने से क्यों जीवन की अवधि बढ़ जाती है.
हम 1930 से ही उस प्रयोग के बारे में जानते हैं जिसमें पाया गया था कि कम कैलोरी पर पल रहे चूहे उन चूहों की तुलना में ज्यादा दिन तक जिन्दा रहे जिन्हें पौष्टिकता से भरपूर भोजन दिया गया था.
हार्मोन आईजीएफ-1
स्तनधारियों में जीवन अवधि बढाए जाने का विश्व रिकार्ड एक नई प्रजाति के चूहे का है जिसकी उम्र 40 फीसदी तक बढ़ सकती है. इस हिसाब से मनुष्य एक सौ बीस वर्ष की उम्र पा सकता है.
ये चूहे अनुवांशिक रुप से संवर्धित थे इसलिए इसके शरीर में बहुत ही कम मात्रा में उस हार्मोन आईजीएफ-1 का स्राव होता है जो उम्र बढ़ने के असर को बढ़ाता है.
शरीर में जितने अधिक आईजीएफ-1 हार्मोन का स्राव होगा उसका असर उम्र पर उतना ही अधिक होगा.
ये हार्मोन उस समय के लिए तो बहुत अच्छा है जब कोई बच्चा बढ़ रहा होता है, लेकिन उसके बाद की उम्र के लिए ये हार्मोन अच्छा नहीं है. पर इस हार्मोन आईजीएफ-1 के स्तर को उपवास रखकर घटाया जा सकता है. इसके पीछे की वजह शायद ये हो सकती है कि जब खाना खाना बंद कर दिया जाता है तो ये हार्मोन शरीर की वृद्धि की जगह उस शरीर में आ रही कमी को दुरुस्त करने लगता है.
अभी प्रमाणिक नहीं
दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर वाल्टर लौंग कहते हैं कि जैसे ही शरीर में आईजीएफ-1 हार्मोन का स्तर कम होता है तो इसका असर शरीर पर होता है और मरम्मत करने वाले कई जीन शरीर में सक्रिय हो जाते हैं
कहा जाता है कि शरीर में आईजीएफ-1 की बहुत कम मात्रा से इंसान बौना रह जाता है लेकिन वो बढ़ती उम्र से जुड़े दो प्रमुख रोगों कैंसर और मधुमेह से सुरक्षित रहते हैं.
हांलाकि मेडिकल आधार पर उपवास के फायदे अभी तक सिद्ध नही हैं और इस तरह के काफी शोध ऐसे है जो कहते है कि एक व्यक्ति को कम से कम दिन में दो हज़ार कैलोरी की जरुरत होती है.
तो ऐसे में अगर आप उपवास रखते हैं तो ऐसा डॉक्टरों के निरीक्षण में करें क्योंकि गर्भवती महिलाओं और मधुमेह के मरीज़ो के लिए ये खतरनाक भी हो सकता है.
कुलमिला कर संतुलन सबसे अच्छा रास्ता है चाहे खाने में हो या फिर उपवास में.



Shakuntla Hospital provide Maternity HospitalX-Ray Service HospitalUltra Sound HospitalMaternity Nursing HomeWomen's HealthMedical TreatmentHealthcare HospitalStone RemovalUrological SolutionSpecialist DoctorsPreventive Health Checkups Services Stone removalX-ray service hospitalWomen's healthMedical treatment &Urological solution.

Melting Point Apparatus
Electric Horn
Auto Horn
Car Horn
Horn Parts