Showing posts with label shakumtla hospital. Show all posts
Showing posts with label shakumtla hospital. Show all posts

Wednesday, 7 November 2012

सर्दियों में सेहत की देखभाल


जाड़े के मौसम को आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में जठराग्नि प्रबल होती है। भोजन ठीक से पचता है और शरीर में 'धातु निर्माण' अच्छा होता है।

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाएं

जो लोग अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें सर्दियों में पौष्टिक भोजन अपनी पाचन शक्ति के अनुसार करना चाहिए। गाजर, शलजम, मूली, लौकी, पालक, मेथी, बथुआ आदि को आहार में स्थान देने और इनका सूप बनाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा बादाम, अखरोट, खजूर व किशमिश का सेवन दूध के साथ करने से भी हमारे शरीर का रोग प्रतिरोधक तत्र मजबूत होता है। गाजर, चुकंदर, आवला व पालक के जूस में पुदीने के रस को डालकर दिन में पीने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स प्राप्त होते हैं। ये एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर को विभिन्न रोगों से बचाते हैं।

मौसम का दूसरा पहलू

अपनी अनेक खामियों के साथ सर्दियों का मौसम बच्चों, बुजुर्र्गो और कमजोर लोगों के लिए तकलीफें भी पैदा करता है। इसी तरह उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, दमा व जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए भी यह मौसम चुनौतिया पैदा करता है। ऐसे लोगों को इस मौसम में अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर खान-पान और सेहत सबधी अन्य बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द और मासपेशियों में दर्द की शिकायत से ग्रस्त लोगों को नियमित रूप से पूरे शरीर में गुनगुने तिल के तेल से मालिश करनी चाहिए। इसके अलावा सौंठ व मेथी का बराबर मात्रा में चूर्ण बनाकर इस मिश्रण में से एक-एक चम्मच सुबह व शाम सेवन करना चाहिए।

उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों को योगासन, सुबह की सैर और हल्का व्यायाम करना चाहिए। नित्य एक चम्मच लहसुन का रस, एक चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें। प्रात:काल एक कप पानी में अर्जुन की छाल उबालकर छानकर पिएं।

सास सबधी रोग

जो लोग खासी, नजला, एलर्जी व सास से सबधित रोगों से पीड़ित हैं, उन्हें गर्म जल से स्नान करना चाहिए। ऐसे लोगों को अदरक, लहसुन, अजवायन डालकर सब्जियों के सूप पीने चाहिए। हर दिन च्यवनप्राश का सेवन करना भी हितकर है। कमजोर लोगों, बच्चों व वृद्धों को हर रोज सुबह-शाम शहद का सेवन करना चाहिए।

Sunday, 23 September 2012

बच्चों के सीटी स्कैन से कैंसर का खतरा

बचपन में कई बार सीटी स्कैन से मस्तिष्क कैंसर या ल्युकीमिया होने का ख़तरा तीन गुना अधिक बढ़ सकता है.



ब्रिटेन की न्यूकासल युनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों अगुआई में हुए एक अध्ययन में ये बात सामने आई है. मगर लैंसेट जर्नल में इस अध्ययन के बारे में छपी रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि आम तौर पर इन स्कैनों से होनेवाले फायदे, खतरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा है कि उनके अध्ययन में इस बात को सामने रखा है कि सी टी स्कैन का प्रयोग तभी करना चाहिए जब वो बेहद आवश्यक हो जाए.

साथ ही स्कैन से हुए रेडिएशन को दूर करने के लिए भी प्रयास जारी रखना चाहिए.

सीटी (कम्प्यूटराइज़्ड टोमोग्राफ़ी) स्कैन में एक एक्स-रे नली को रोगी के शरीर के भीतर घुमाकर आंतरिक अंगों की गहराई से तस्वीरें ली जाती हैं. सीटी स्कैन बच्चों के लिए उपयोगी होता है क्योंकि इसमें उन्हें बेहोश करने या सुलाने की ज़रूरत नहीं होती.

शोध
अपनी तरह के इस पहले शोध में वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन में 180,000 युवा मरीज़ों के रिकॉर्डों की समीक्षा की.

उन्होंने 1985 से लेकर 2002 तक के 21 साल से कम उम्र के ऐसे रोगियों का अध्ययन किया जिनका सीटी स्कैन हुआ था. चूँकि रेडिएशन से होनेवाले कैंसर के विकसित होने में समय लगता है, इसलिए उन्होंने कैंसर और इससे होनेवाली मौतों का पता लगाने के लिए 2009 तक के आँकड़ों का परीक्षण किया. मस्तिष्क कैंसर और ल्युकीमिया बहुत कम होनेवाली बीमारियाँ हैं.

अध्ययन का अनुमान है कि दस साल से कम उम्र के ऐसे बच्चे जिनके सिर के स्कैन हुए, उनमें पाया गया कि 10,000 मामलों में ल्युकीमिया और मस्तिष्क कैंसर का एक-एक अतिरिक्त मामला पाया गया. न्यूकासल युनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डॉक्टर मार्क पीयर्स ने कहा,"हमने पाया कि बचपन में सीटी स्कैन करवाने से ब्रेन कैंसर और ल्युकीमिया का ख़तरा अच्छा ख़ासा बढ़ जाता है."

मगर वे सीटी स्कैन से होनेवाले को तात्कालिक लाभ को खतरों से अधिक बड़ा बताते हुए उन्होंने स्कैन में इस्तेमाल हुई रेडियो किरणों के प्रभाव को दूर करने के लिए प्रयास करने की ज़रूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा,"रेडिएशन समय के साथ-साथ कम होता जा रहा है, मगर इसके स्तर को और कम करने की ज़रूरत है."

अध्ययन से जुड़े एक और वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर सर एलन क्राफ़्ट ने कहा,"ब्रिटेन में यदि कोई चिकित्सक बच्चे के सीटी स्कैन के लिए कहता है तो वो ऐसा रेडिएशन के ख़तरे को ध्यान में रखकर ही करता है. इसलिए यहाँ जब कहा गया हो तो सीटी स्कैन नहीं करवाने से स्वास्थ्य के लिए ख़तरा और अधिक हो सकता है."

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस बारे में कहा है कि ब्रिटेन में सीटी स्कैन में अपनाए जानेवाले रेडिएशन का स्तर पहले से ही अन्य देशों के मुकाबले कम है और ये तभी करवाया जाता है जब उसके लिए वाजिब जरूरत होती है.


Shakuntla Hospital provide Maternity Hospital, X-Ray Service Hospital, Ultra Sound Hospital, Maternity Nursing Home, Women's Health, Medical Treatment, Healthcare Hospital, Stone Removal, Urological Solution, Specialist Doctors, Preventive Health Checkups Services.




Saturday, 21 April 2012

Patient Zone

Patient Zone

Dear Patients,

We are in plan to start a complete Interaction - Module for our patients, absolutely Free. In this section, we provide you Free Online Consultancy about common health - issues. You can be able to chat with Medical Experts in their own dimensions.

For instant, you can receive our 'News-Letter directly at your Email ID, please fill the form to receive important Medical Bulletins:



Shakuntla Hospital (www.shakumtlahospital.com)